भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की बड़ी सफलता के बाद अपनी तैयारी और मारक क्षमता को अगले स्तर पर ले जाने के लिए ‘डीकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन एक्शन’ योजना को तेज कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य बलों की आधुनिकता बढ़ाना और विरोधी के खतरों का त्वरित व प्रभावी सामना सुनिश्चित करना है। योजना का पहला चरण अगले 15 दिनों के भीतर लागू किया जाएगा, जिसमें दिव्यास्त्र बैटरी, भैरव बटालियन और शक्तिबाण रेजिमेंट को पूर्ण रूप से ऑपरेशनल किया जाएगा।
दिव्यास्त्र बैटरी — सटीक, लंबी दूरी के इंतकामी हमले
दिव्यास्त्र बैटरी का मुख्य उद्देश्य दुश्मन के ठिकानों पर दूर से सटीक और निर्णायक हमले करना है। इसमें आधुनिक मिसाइल प्रणाली और उच्च क्षमता वाली आर्टिलरी शामिल होगी, जो कठिन भूभाग जैसे पहाड़ और रेगिस्तान दोनों में प्रभावी रूप से काम कर सकेगी। इसके परिचालन से सेना की स्ट्रैटेजिक मारक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
भैरव बटालियन — नजदीकी संघर्ष और काउंटर-टेरर ऑपरेशन्स के लिए विशेष बल
भैरव बटालियन को नजदीकी लड़ाई और आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए तैयार किया गया है। यह यूनिट प्रशिक्षित कमांडो, उन्नत नाइट-विजन उपकरण और स्मार्ट हथियारों से लैस होगी। ऐसे बलों की तैनाती संवेदनशील क्षेत्रों में घुसपैठ के प्रयासों को काफी कठिन बना देगी और त्वरित जवाब देने में मददगार होगी।
शक्तिबाण रेजिमेंट — हवा और थल दोनों पर दबदबा
शक्तिबाण रेजिमेंट को मल्टी-रोल मिसाइल और ड्रोन-वारफेयर क्षमताओं से सुसज्जित किया जाएगा। यह रेजिमेंट हवाई खतरे नष्ट करने के साथ-साथ भूमि लक्ष्यों पर सटीक प्रहार करने में सक्षम होगा। दुश्मन के बेस, हथियार भंडार तथा कम्युनिकेशन नोड्स पर तेज प्रभाव डालने की ताकत इससे मिलेगी।
पहले चरण का रूपरेखा (संक्षेप)
दिव्यास्त्र बैटरी — भूमिका: लंबी दूरी वाले सटीक हमले; प्रमुख सिस्टम: मिसाइल व आर्टिलरी; प्रभाव क्षेत्र: 500+ किमी।
भैरव बटालियन — भूमिका: नजदीकी युद्ध व काउंटर-टेरर; प्रमुख सिस्टम: कमांडो फोर्स, नाइट विजन, स्मार्ट वेपंस; प्रभाव क्षेत्र: सीमा/सेंसिटिव जोन।
शक्तिबाण रेजिमेंट — भूमिका: वायु एवं थल प्रभुत्व; प्रमुख सिस्टम: मल्टी-रोल मिसाइल, ड्रोन वारफेयर; प्रभाव क्षेत्र: ऑल-टेरेन।
भारत की सुरक्षा में सशक्त बढ़त
इन यूनिटों के पूर्ण रूप से ऑपरेशनल होने से भारतीय सेना की रणनीतिक और टैक्टिकल क्षमताओं में गहरा बदलाव आएगा। यह कदम संभावित आक्रमणकारियों को स्पष्ट संदेश देगा कि किसी भी आक्रामक कदम का सामना तेज, सटीक और निर्णायक तरीके से किया जाएगा, जिससे देश की सुरक्षा और स्थिरता और मजबूत होगी।