जबरदस्त सुरक्षा कार्रवाई: जम्मू-कश्मीर में सेना-CRPF-पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ ताबड़तोड़ अभियान तेज किया है। कुलगाम में हालिया सफल मुठभेड़ के बाद अब कार्रवाई का केन्द्र किश्तवाड़ बन गया है, जहाँ खुफिया इनपुट के आधार पर करीब आठ आतंकवादियों को घेरा गया है। सुरक्षा बलों का कहना है कि इस अभियान का लक्ष्य इलाके में मौजूद आतंकी ठिकानों और नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना है।
कुलगाम की सफलता से मिली ताकत
कुलगाम में मिली सफलता ने सुरक्षा बलों के मनोबल और तात्कालिक रणनीति दोनों को मजबूत किया। वही रणनीति और इंटेलिजेंस-बेस्ड टार्गेटिंग अब किश्तवाड़ में लागू की जा रही है जिससे कार्रवाई तेज और सटीक बनी हुई है।
किश्तवाड़ का हाल-चाल — प्रमुख बातें
- क्षेत्र में 1,500 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं।
- घने जंगलों में कॉर्डन-एंड-सर्च (घेराबंदी और तलाश) अभियान जारी है।
- ड्रोन सर्विलांस और नाइट-विजन उपकरणों के माध्यम से 24×7 निगरानी रखी जा रही है।
- सभी संभावित निकास मार्ग सील कर दिए गए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध को भागने का मौका न मिले।
रणनीति और उद्देश्य
सुरक्षा बल इंटेलिजेंस-सूचना के आधार पर लक्षित कार्रवाई कर रहे हैं। इनपुट के मुताबिक, यह समूह महीनों से इलाके में छिप कर हमलों की योजना बना रहा था। अभियान का तात्कालिक उद्देश्य एक-एक कर शेष आतंकियों को निरुद्ध/निष्क्रिय करना और क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा बहाल करना है।
किश्तवाड़ अभियान — सारांश तालिका
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| ऑपरेशन का नाम | किश्तवाड़ टेरर हंट |
| अनुमानित आतंकियों की संख्या | 8 |
| प्रमुख बल | भारतीय सेना, CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस |
| रणनीति | कॉर्डन-एंड-सर्च, ड्रोन निगरानी, नाइट-विजन |
| उद्देश्य | इलाके से आतंक के अंतिम ठिकानों का सफाया |
अंतिम टिप्पणी: कुलगाम के बाद किश्तवाड़ में जारी यह अभियान इस बात का संकेत है कि सुरक्षा एजेंसियाँ आतंकी नेटवर्क को व्यवस्थित तरीके से खत्म करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आने वाले दिनों में इस कार्रवाई के नतीजे पूरे क्षेत्र में महसूस किए जा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सार्वजनिक स्रोतों पर उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है और इसमें किसी भी प्रकार की गोपनीय सैन्य जानकारी शामिल नहीं है।